एक महिला ने मन्नत मानी की वह खानए काबा तक (पैदल) चल कर जाएगी। नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से इस बारे में पूछ़ा गया तो आप ने फरमाया: "अल्लाह तआला उस के पैदल चलने से बे नियाज़ है, (मतलब अल्लाह तआला को उस के पैदल चलने की ज़रूरत नहीं है, और ना ही वह इस से खुश होता है), उस (महिला) को कहो कि वह सवारी से जाए।"
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